Monday, July 13, 2020

यूँ मुझसे रूठा ना करो!

माना नासमझी कर जाती हूँ
बिन सुने बहुत कुछ कह जाती हूँ
छोटी सी बात पकड़ कर गुस्सा भी हो जाती हूँ
मज़ाक कई बार समझ नहीं पाती हूँ
और तुमसे नाहक ही लड़ जाती हूँ
लेकिन फिर पल भर में संभल भी जाती हूँ
आदत समझ तुम इसे मेरी
भूल जाया करो
और यूँ मुझसे रूठा ना करो

मुझे कभी समझाया करो
तो कभी प्यार से मनाया करो
लेकिन तुम मुझसे रूठा ना करो
यू हमे आज़माया ना करो
यह बेमानी ज़िद्द किया ना करो 

Wednesday, March 25, 2020

The more I think of you, The more I fall for you.

The more I think of you,
The more I fall for you. 

Everything seems so magical when it's you,
You are the one for me, I somewhat knew.

Love it when you make the movie plan,
Just to hold my Hand.

It feels nice,
When you take me for a long drive,  
I silently wish, let my destination don't arrive

Your occasional gazes,
Your smile just amazes.
The often we meet,
I feel more complete.

When you send the music note
You act like my antidote/ Cure
When you say, you are dedicated
Instantly my mood gets elevated 

When your hands softly touch my cheek 
There is something about you so mystique
I wonder how somebody could be this sweet.   

Your thoughtful presents
I find them very pleasant 
My desire for you grows high 
When you are not close-by 

You do get irritating at times 
But your cuteness is visible from your eyes 
The abundant Love that you give
With all of "you," I want to live.   

I want to spend the rest of my life
To be called as your wife  

The more I think of you
The more I fall for you 

ख्याल


मेरा ख्याल बन गये हो तुम
दिन - रात जहन से ना जायें, 
वो एहसास बन गये हो तुम

एक हसीन मुलाकात बन गये हो तुम
मेरे लबों पे आने वाली प्यारी मुस्कान बन गये हो तुम
हां ! मेरे दिल में घर कर रहे हो तुम

मेरा ख्याल बन गये हो तुम
दिन - रात जहन से ना जायें, 
वो एहसास बन गये हो तुम

मेरे राह की मंज़िल बन गये हो तुम
मेरा चैन और सुकून बन गये हो
हां ! अब मेरा प्यार बन गये हो तुम

मेरा ख्याल बन गये हो तुम
दिन - रात जहन से ना जायें, 
वो एहसास बन गये हो तुम

कुछ धीमा सा है


Saturday, August 24, 2019

Ehsaas (एहसास)

Kuch ehsaas hone laga hai
Tu mujhse dur hokar bhi
Mere paas hone laga hai
Banane lage hai mere lamhe aur bhi behtar
Mere naseeb se tu jo judane laga hai
Na chahte hue bhi bahut kuch ab badalne laga hai
Kuch ehsaas hone laga hai 

___________________________

कुछ एहसास होने लगा है
तू मुझसे दूर होकर भी
मेरे पास होने लगा है
बनने लगे है मेरे लम्हे और भी बेहतर
मेरे नसीब से तू जो जुड़ने लगा है
ना चाहते हुए भी बहुत कुछ अब बदलने लगा है
कुछ एहसास होने लगा है  

Saturday, July 20, 2019

अजब हाल

कुछ अजब सा हैं हाल 
उनसे मिलने के बाद
शायद कोई बात अब भी अधूरी रह गयी 
इतनी बातों के बीच भी कुछ बात बिनबोली रह गयी 

उन्हें क्या मालूम उनका असर हम-पर कैसा पड़ता जा हैं
हमसे ज़्यादा अब उनका रंग हम-पर चढ़ता जा रहा हैं

वो हर बार संग छोड़ जाते हैं-
कुछ खूबसूरत सी याद
मानो हो हमारी प्यारी पहली मुलाकात
जैसे उनका हर पल ना होकर भी होना मेरे साथ

कुछ ऐसा सा हैं हाल 
उनसे मिलने के बाद
शायद वहा भी उनका होगा यही हाल    

Monday, June 3, 2019

कुछ इशारा तो ज़रूर है

कुछ इशारा तो ज़रूर है
कोई बिन कहे ही हुआ हमारा तो ज़रूर है

बात इतनी आगे ना बढ़ती 
अगर आँखों की मंज़ूरी ना होती
कहकर भी ना कहना उनकी आदत है
इसीलिए हमने समझकर भी ना समझना अपनी आदत बना ली

कुछ इशारा तो ज़रूर है
कोई बिन कहे ही हुआ हमारा तो ज़रूर है

बात ऐसे ही हवाओं में नहीं घुलती
दिल का दरवाजा कहीं से खुला तो ज़रूर है
उनकी कही हर बात, लब पर ले आती है मीठी सी मुस्कान
पता ही नहीं चला कब वो घर कर गया कम्बक़्त दिल ए नादान

कुछ इशारा तो ज़रूर है
कोई बिन कहे ही हुआ हमारा तो ज़रूर है

Sunday, November 19, 2017

बेमौसम की बारिश

बेमौसम की बारिश


बेमौसम ही बरस पड़ी.
रिम झिम बूँदो की ये लड़ी.
मानो कोई प्रयोजन के संग आई है.
गरजता बादल
बरसती बूंदे,
तेज हवा,
ना जाने आज किसकी शामत आई है

बस भिगो देना चाहती है,
मेरे सारे गम और ये चितवन
मानो रुबरो करा रही हो हमे किसी से
या यूँ कहे लुभा रही है मुझे आपनी सौधी खुशबू से
बेमौसम ही बरस पड़ी.
रिम झिम बूँदो की ये लड़ी.
ना संभालने का मौका दिया
ना बहेकने का
बस भिगोती रही

ये बेमौसम की बारिश
बढ़ा गयी हज़ारों ख्वाइश
मैल सारा धूल गया
जा पानी में मिल गया 

Saturday, July 8, 2017

पहल

कुछ कदम की दूरी थी
पर जाने क्या मजबूरी थी
पैर आगे बढ़े ही नहीं
हम खड़े इंतेज़ार करते रहे
वो मौके इक्तियार करते रहे.
पहल की ज़त्तोजहत चलती रही
पर हुआ कुछ भी नही..


****

उम्मीद


उम्मीद


कुछ उम्मीद, विश्वास से पूरी होती है
कुछ होकर भी अधूरी होती है
कभी ये रहे आधे-अधूरे किस्से
कभी ये बने, बटे हुए हिस्से
कुछ किस्मत से हो जाती है पूरी
पर यह हमेशा हो ये नही ज़रुरी
ये इतनी दूर भी नही और इतनी पास भी नही
हमारी चाहत मे समुंदर जितनी गहरी प्यास जो नही..!

***

Sunday, April 16, 2017

सात


आठ से पहले और छह के बाद
आता है दिनांक सात


ब्रह्मांड ने हमारे लिए कई रहस्य है छोड़े
हमारे जीवन को सात के कई पहलू से है जोड़े

जैसे साप्ताह में होते है सात दिन
कभी देखा है सप्तऋषि सात सितार्रों के बिन

मानव का लेना सात जनम
सात सुरों का संगम
सप्त सुर से हज़ारो शब्द और राग है निकलते 
और वातावरण में है जा मिलतें

शादी के सात वचन और फेरे
सतरंगी इंद्रधनुष आकाश को अपनी बदली मे जा घेरे

ये कितनी विचित्र है बात 
विश्‍व में अजूबे है सात
महाद्वीप है सात
महासागर भी तो है सात
स्वर्ग की सीढ़ी के पायदान है सात

अंक सात की कई है विशेषता
जीवन में लाता है कितनी सहजता 

सात में है अलौकिक शक्ति
कई साधू- संत करते है इसकी भक्ति

सात अंक है बड़ा प्रभावी
कई रहस्यो की ये है चाभी

Wednesday, November 23, 2016

पुरानी और नयी यादें

कुछ पुरानी यादों को तबाह किया है
नयी यादों की जगह जो बनानी है

कुछ रिस्तो को बेनाम किया है
अब नये रिस्ते जो निभाने है
कुछ बातें बस भूल गये है
नयी बातें जो कहनी है
कई बीते लम्हों को मिटाया है
कुछ और हसीन लम्हे जो गुज़ारने है
कुछ लोंगों को पीछे छोड़ा है
क्यूकी हमें आगे बढ़ना पड़ा है

सब आहिस्ता-आहिस्ता ही सही, असर तो हो रहा है
कुछ बदल रहा है और कुछ मैं बदल रही हूँ
कई पुरानी यादों को तबाह किया है
तभी तो नयी यादों की जगह बना पाई हूँ

Thursday, November 10, 2016

जंगली फूल

सिर्फ़ लाल गुलाब, गुलाबी कमल का फूल ही खूबसूरत नही होता I  कई बार जंगल में उगते रंग बिरंगे फूलों की वल्लरियाँ भी अति सुंदर होती है I कहने के लिए उनमें ख़ुशबू कम होती है पर इससे उनकी सुंदरता में कोई कमी नहीं आती I उन्हे संभालने या देखने की कोई ज़रूरी नही I जंगली फूल आपकी कल्पना की तरह ही होते हैI कभी भी कहीं भी पनप जाते हैI उनमें विकास की कोई सीमा नही होती I बस बढ़ती जाती है जैसे इंसान की imagination की कोई limit नहीं I कई बार इन जंगली फूलों से ईर्ष्या हो जाती  है, क्यूकी हमें तो इतनी रोक-टोक है और ये जंगली फूलों को किसी बात की कोई परवाह ही नहीं I जहाँ मन हुआ उस ओर हो गयी I बिल्कुल मनमौजी होती है  I


Saturday, October 29, 2016

रुके रुके से ख्वाब

कुछ रुके रुके से ख्वाब है
और कुछ ख्वाब की तलाश है

सबको ज़िंदगी बना मुस्कुराते है
शायद अब भी सच्ची मुस्कान की तलाश है 
हम मीलों का सफर तय कर चुके है 
और आगे भी मंज़िल की तलाश है 

कुछ रुके रुके से ख्वाब है
और कुछ ख्वाब की तलाश है

Saturday, October 8, 2016

ज़िंदगी परियो की कोई कहानी नही है
ज़िंदगी में तो बड़े उतार चढ़ाव होते है
 मुकाम पाने से पहले कई पढ़ाव होते है

*****

उसने कहा मैने सुना
मैने कहा उसने सुना
दोनो ने ना कोई सवाल किया 
ना तो कोई जवाब ही आया
और सब वैसा ही चलता गया

*****

प्यार तो एक एहसास है
दो लोंगों के बीच का अटूट विश्वास है
जाने क्यू फिर प्यार कई बार बनती बिसात है
कभी इसमे मिलती शय तो कभी मात है

*****

वो जताना भूल आए है
हम बहाना भूल आए है
बिन बोले ही 
सारा ज़माना भूल आए है

*****

सम्राट चक्रवर्ती अशोका



सम्राट चक्रवर्ती अशोका दोबारा धरती पर है आयें
अपने साथ कई expectations है लायें
सब कुछ Mordern होगया है
मानो उनका साम्राज्य किसी और के आधीन हो गया है
जब अचानक आस पास सब इतना अटपटा देखा
जिग्यासा वश उन्होने पूछा
क्या ये मगध राज्या है
बगल में खड़ा बच्चा बोला
लगता है तुम्हारे साथ घटी कोई घटना है
क्यूकी ये तो पटना है
राजा थे दंग
पूछा क्या मै चल सकता हूँ तुम्हारे संग
चलते चलते वो बोले
कुछ अपने मन के राज़ खोले
क्या तुम्हे इस बात की है खबर
इतिहास में मेरा नाम है अमर
मैं हू मौर्या सम्राट अशोक
ओह ! आप तो फिर काफ़ी प्रचलित है इस लोक
हमें भी ये ज्ञात है
आप कितने विकयात है
बचपन में कई बार loose  किया था अपना Temper
शायद आपके पास नही था सही Mentor
आप तो बचपन में ही अपनी शख़्सियत गये थे हार
बन बैठे थे चाणक्य  की कटु नीति का शिकार
कितनी प्रबल थी राजगद्दी की मंशा
बिना सोचे समझे बस करते रहे हिंसा
परिजनो का बहाया था रक्त
इसके अतिरिक्त आपके पास था किसी और बात का वक्त
तुमने ही तो किया था कॅलिंग युध
सब पाकर बन गये थे बुध
राजा ने ये सब सुन आँखें बिचकाई
तुम यूँ ना दो मुझे दुहाई
क्या तुम्हे मेरे बारे में बस इतना पता हैं
मैने अपने 40 वर्ष के शासन में और भी बहुत कुछ किया है
कॅलिंग युध के बाद ही तो मुझे मेरी ग़लती का आभास हुआ था
मैं मानो जीते जी ज़िंदा लाश हुआ था
कितनी दर्दनाक वो स्थिति थी
रन भूमि पर लाखों सैनिको की लाश बिछी थी
तब मैने हिंसा को था त्यागा
इतने सालों में मानो मैं तब था जगा
बना मैं बोधिसत्व
समझाया सबको बुध धर्म का महत्व
मेरे साम्राज्या का विस्तार लगभग पूरा भारत और ईरान था
मुझे सफल और कुशल सम्राट बनाने में आचार्य चाणक्य का ही हाथ था
मैने बनाया था विहार और स्टुप
मैने कर्तव्या निभाने में कभी की नही है की चूक
मैने रोग से पीड़ित प्रजा के लिया बनाया था चिकित्सालय
तक्षशिला और नालंदा में बनाया था विश्वविद्यालय 
मैने शिलालेखों द्वारा जनता को शांति से जीना बताया था
सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों और पेड़-पौधों के हित के बारे में भी सुझाया था

मैं आज भी तुम्हारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग हूँ
जो मरकर भी आज तुम्हारें संग हूँ
अशोक चिन्ह है तुम्हारा राजकीय प्रतीक
अहिंसा, सदभाव, प्रेम और सत्य की मैने रखी थी लीग

बच्चा ये सब सुन रहा था
अपने दिमाग़ में कुछ बुन रहा था
This is 21st Century
And sorry for not being aware about your glory
आपसे मिलकर अच्छा लगा है
शायद आज कोई इतना सच्चा लगा है
हर इंसान के दो पहलू होते है
वो कभी ग़लत तो कभी सही होते है
हमारे धवज के बीच जो अशोक चक्र लहराता है
आज भी अमन और शांति का परचम फहराता है